गोंदिया : महाराष्ट्र के गोंदिया में महिला आरक्षण विधेयक को लेकर सियासत गरमा गई है। संसद में “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” पारित न होने से नाराज भाजपा महिला मोर्चा और युवा मोर्चा ने सोमवार को जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में महिलाएं और युवा सड़कों पर उतरे और विपक्षी दलों के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया।
जयस्तंभ चौक बना विरोध का केंद्र
27 अप्रैल को भाजपा कार्यालय से युवा मोर्चा अध्यक्ष राहुल अग्रवाल के नेतृत्व में निकला निषेध मोर्चा शहर के प्रमुख जयस्तंभ चौक तक पहुंचा। यहां प्रदर्शन ने उग्र रूप ले लिया। कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ नारेबाजी की और उनके पुतले पर चिपकी तस्वीर पर जूते-चप्पल बरसाकर अपना गुस्सा जाहिर किया। महिलाओं ने इसे “नारी सम्मान का अपमान” करार दिया।
भाजपा का आरोप—विपक्ष ने रोका महिलाओं का हक
प्रदर्शन के दौरान भाजपा जिला अध्यक्ष सीताताई रहांगडाले ने विपक्ष पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि जिस बिल का देश की महिलाएं वर्षों से इंतजार कर रही थीं, उसे कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, टीएमसी और डीएमके जैसे दलों ने संसद में रोक दिया। उन्होंने इसे महिलाओं के अधिकारों के साथ अन्याय बताया।
रहांगडाले ने यह भी कहा कि विपक्ष की महिला सांसदों से उम्मीद थी कि वे इस बिल के समर्थन में खड़ी होंगी, लेकिन उन्होंने भी पार्टी लाइन का पालन करते हुए विरोध किया, जिससे महिलाओं में भारी नाराजगी है।
क्या है पूरा मुद्दा
नारी शक्ति वंदन अधिनियम का उद्देश्य लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को एक-तिहाई आरक्षण देना है, ताकि उनकी राजनीतिक भागीदारी बढ़ सके। लेकिन विपक्ष के विरोध के चलते यह विधेयक पारित नहीं हो सका, जिससे देशभर में असंतोष का माहौल बन गया है।
राजनीतिक माहौल और गरमाने के संकेत
गोंदिया में हुआ यह प्रदर्शन इस बात का संकेत है कि महिला आरक्षण का मुद्दा अब सड़कों तक पहुंच चुका है। महिलाओं और भाजपा कार्यकर्ताओं ने साफ कर दिया है कि वे अपने अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखेंगे। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासत और तेज होने की संभावना है।
ब्यूरो रिपोर्ट सिंदूर न्यूज़…