हादसों पर लगाम के लिए सख्त निर्देश, विकास कार्यों की मैराथन समीक्षा

गडचिरोली, 24 अप्रैल : जिले में बढ़ते सड़क हादसों को गंभीरता से लेते हुए सहपालकमंत्री आशिष जयस्वाल ने संबंधित विभागों को दुर्घटनाओं का सखोल (विस्तृत) विश्लेषण कर ठोस प्रतिबंधात्मक उपाय लागू करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि दुर्घटनाओं के कारण, जिम्मेदारियां और टाले जा सकने वाले पहलुओं की पहचान कर ही प्रभावी नियंत्रण संभव है।

जिला कलेक्ट्रेट में आयोजित लंबी (मैराथन) समीक्षा बैठक में सड़क सुरक्षा के साथ-साथ ‘गडचिरोली रोड नेटवर्क’, मानव-वन्यजीव संघर्ष, स्वास्थ्य अभियान, कृषि, जल संकट, बिजली आपूर्ति, वन अधिकार दावे और वृक्षारोपण जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में जिलाधिकारी अविश्यांत पंडा, विधायक डॉ. मिलिंद नरोटे, विधायक रामदास मसराम, पुलिस अधीक्षक एम. रमेश, जिला परिषद के सीईओ सुहास गाडे सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

सड़क हादसे रोकने के लिए बहुआयामी योजना

सहपालकमंत्री ने निर्देश दिए कि खनिज परिवहन वाले क्षेत्रों में यातायात नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। भारी वाहनों से सड़कों को होने वाले नुकसान को देखते हुए सार्वजनिक निर्माण विभाग को मजबूत, चौड़ी और टिकाऊ सड़कें बनाने के निर्देश दिए गए।
साथ ही रैश ड्राइविंग और ओवरस्पीडिंग पर सख्त कार्रवाई, ‘हिट एंड रन’ मामलों में मृतकों के परिजनों को तुरंत आर्थिक सहायता और व्यापक जनजागरण अभियान चलाने पर जोर दिया गया। सड़क निर्माण के बाद उसके रखरखाव की जिम्मेदारी ठेकेदारों की है, इस बारे में भी जनजागृति बढ़ाने के निर्देश दिए गए।

‘गडचिरोली रोड नेटवर्क’ से कनेक्टिविटी बढ़ाने पर जोर

जिले में बड़ी संख्या में आदिवासी गांवों को ध्यान में रखते हुए ‘गडचिरोली रोड नेटवर्क’ योजना के तहत व्यापक सड़क जाल विकसित करने की बात कही गई। इसके लिए आवश्यक डेटा एकत्र करने और राज्य व केंद्र सरकार से अतिरिक्त निधि प्राप्त करने के प्रयास किए जाएंगे, ताकि जिले को अन्य जिलों के बराबर सड़क सुविधाएं मिल सकें।

मानव-वन्यजीव संघर्ष पर सख्त रणनीति

रानटी हाथियों की बढ़ती आवाजाही को देखते हुए संवेदनशील क्षेत्रों में त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र (रैपिड रिस्पॉन्स सिस्टम) विकसित करने के निर्देश दिए गए. स्थानीय स्तर पर सतर्कता बढ़ाने, विशेष टीमों की तैनाती, अलर्ट सिस्टम तैयार करने और गांव स्तर पर जनजागरण चलाने पर जोर दिया गया। साथ ही गांवों की सीमा पर कांटेदार पौधों और बांस की बाड़ लगाने तथा जंगल पर निर्भरता कम करने के लिए घर-घर गैस कनेक्शन उपलब्ध कराने की बात भी कही गई।

स्वास्थ्य अभियान को गति देने के निर्देश

‘मेरा गांव, स्वास्थ्य संपन्न गांव’ अभियान को प्रभावी बनाने के लिए मच्छर नियंत्रण, प्लास्टिक मुक्त गांव और स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए. जिले के 100% नागरिकों को आयुष्मान भारत योजना से जोड़ने और स्कूल व गांव स्तर पर स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।

वन अधिकार और कृषि क्षेत्र में तेजी

व्यक्तिगत और सामूहिक वन अधिकार दावों के लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा करने के निर्देश दिए गए। साथ ही वन भूमि का बेहतर उपयोग कर किसानों को अधिक लाभ दिलाने और कृषि से जुड़े मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

वृक्षारोपण और स्थानीय रोजगार

जिले में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण अभियान को आगे बढ़ाने और नर्सरी विकसित करने पर जोर दिया गया। बताया गया कि भविष्य में बड़े स्तर पर पौधारोपण के लिए स्थानीय स्तर पर ही पौधे तैयार किए जाएंगे, जिससे रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

समन्वय से विकास कार्यों को गति

बैठक में पायाभूत सुविधाएं, जल आपूर्ति, बिजली वितरण, कृषि उत्पादन और आदिवासी विकास योजनाओं पर भी चर्चा की गई। सभी विभागों को आपसी समन्वय बढ़ाकर लंबित कार्यों को समय पर पूरा करने और सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए।

प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि गडचिरोली में अब सड़क सुरक्षा से लेकर स्वास्थ्य, वन, कृषि और बुनियादी विकास तक हर क्षेत्र में योजनाबद्ध और सख्त अमल किया जाएगा, ताकि जिले में समग्र और संतुलित विकास सुनिश्चित हो सके।

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