कोपर्शी जंगल में जमीन के नीचे दबाकर रखा था हथियार और विस्फोटक सामग्री का भंडार; 6 अग्निशस्त्र, 21 जिंदा कारतूस और 7 डेटोनेटर समेत बड़ी मात्रा में सामग्री बरामद
गढ़चिरौली,ब्यूरो : महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ सीमा से लगे गढ़चिरौली जिले के कोपर्शी जंगल क्षेत्र में गढ़चिरौली पुलिस ने माओवादियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में बड़ी सफलता हासिल की है। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस की विशेष अभियान टीम और बीडीडीएस टीम ने जंगल में तलाशी अभियान चलाकर जमीन के अंदर छिपाकर रखे गए हथियार, विस्फोटक और अन्य माओवादी सामग्री का बड़ा जखीरा बरामद किया है। कार्रवाई में कुल 6 अग्निशस्त्र, 21 जिंदा कारतूस, 7 डेटोनेटर और 150 मीटर केबल वायर समेत बड़ी मात्रा में सामग्री जब्त की गई है।
गुप्त सूचना के बाद चलाया गया विशेष अभियान
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ सीमा के कोपर्शी जंगल क्षेत्र में माओवादियों ने सुरक्षा बलों को निशाना बनाने और घातपात की कार्रवाई के लिए हथियार एवं विस्फोटक सामग्री जमीन में छिपाकर रखी है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए 6 अक्टूबर 2026 को गढ़चिरौली के पुलिस अधीक्षक एम. रमेश के मार्गदर्शन में विशेष अभियान शुरू किया गया।
इस अभियान के लिए प्राणहिता स्थित विशेष अभियान दल की 5 टुकड़ियां और बीडीडीएस की 2 टीमें जंगल क्षेत्र में रवाना की गईं। टीमों ने इलाके को घेरकर बेहद सतर्कता के साथ जंगल की तलाशी शुरू की।
6 हथियारों समेत विस्फोटक सामग्री बरामद
तलाशी के दौरान जवानों को जमीन के अंदर छिपाकर रखा गया माओवादी सामग्री का जखीरा मिला। पुलिस के अनुसार, बरामद सामग्री में एक .303 रायफल, दो सिंगल शॉट रायफल, दो देशी पिस्टल और एक बीजीएल लॉन्चर शामिल हैं। इसके अलावा 10 बीजीएल सेल, 21 जिंदा कारतूस, 7 डेटोनेटर, 150 मीटर केबल वायर और 2 मैगजीन भी बरामद की गई हैं।
इसके साथ ही पुलिस ने 2 कुकर, 3 वॉकी-टॉकी, 3 वॉकी-टॉकी चार्जर और 2 वॉकी-टॉकी बैटरियां भी जब्त की हैं। अभियान के दौरान मिली अन्य माओवादी सामग्री को वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में घटनास्थल पर ही नष्ट कर दिया गया।
घातपात की साजिश पर बड़ा प्रहार
पुलिस के मुताबिक, माओवादी संगठन दुर्गम और सीमावर्ती जंगल क्षेत्रों का फायदा उठाकर हथियार और विस्फोटक सामग्री को जमीन के अंदर छिपाकर रखते थे। इन सामग्रियों का इस्तेमाल नक्सल सप्ताह, चुनाव तथा अन्य महत्वपूर्ण अवसरों पर सुरक्षा बलों के खिलाफ घातपात की कार्रवाई के लिए किए जाने की आशंका रहती थी। ऐसे में हथियारों और विस्फोटक सामग्री की यह बरामदगी सुरक्षा बलों के लिए महत्वपूर्ण सफलता मानी जा रही है।
वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में चला अभियान
यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक एम. रमेश के आदेश एवं मार्गदर्शन में की गई। अभियान की निगरानी अपर पुलिस अधीक्षक (अभियान) कार्तिक मधीरा, अपर पुलिस अधीक्षक गोकुल राज जी., अपर पुलिस अधीक्षक अहेरी (प्राणहिता) हर्षवर्धन बी. जे. तथा पुलिस उप-अधीक्षक (अभियान) सुनील उईके ने की।
विशेष अभियान दल, प्राणहिता, इंटेलिजेंस सेल और बीडीडीएस के जवानों ने संयुक्त रूप से इस कार्रवाई को सफल बनाया। पुलिस अधीक्षक एम. रमेश ने अभियान में शामिल जवानों के साहस, सतर्कता और सफल कार्रवाई के लिए उनका अभिनंदन किया है।
यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब गढ़चिरौली जिले में माओवादी गतिविधियों पर सुरक्षा बलों का दबाव लगातार बढ़ रहा है और जंगलों में छिपाकर रखे गए हथियारों तथा विस्फोटक सामग्री की बरामदगी से माओवादी नेटवर्क को बड़ा झटका माना जा रहा है।
ब्यूरो रिपोर्ट सिंदूर न्यूज..