SIR को लेकर चुनाव आयोग पर भी निशाना; महाराष्ट्र में 2 करोड़ वोटर हटाने का दावा, बोले- ‘जनता इस बार चुप नहीं बैठेगी’
मुंबई : शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने देश की अर्थव्यवस्था, बेरोजगारी, महंगाई और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर केंद्र की मोदी सरकार और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला है।
GDP के 7.8 फीसदी तक पहुंचने के दावे पर सवाल उठाते हुए राउत ने कहा कि अगर देश की अर्थव्यवस्था वास्तव में इतनी तेजी से बढ़ रही है, तो इसका असर आम लोगों की जिंदगी में क्यों नहीं दिखाई दे रहा है। उन्होंने सवाल किया कि GDP बढ़ने के बावजूद महंगाई क्यों बढ़ रही है, रुपया कमजोर होकर 89 रुपये के स्तर तक क्यों पहुंच रहा है और बेरोजगारी क्यों बढ़ रही है।
राउत ने कहा कि बड़ी संख्या में लोगों को मुफ्त राशन पर निर्भर रहना पड़ रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि GDP बढ़ रहा है तो लोगों को रोजगार, मकान और बेहतर जीवन-स्तर क्यों नहीं मिल रहा है। राउत ने सरकार पर बड़े-बड़े दावे करने का आरोप लगाते हुए उसकी नीतियों की आलोचना की।
SIR को लेकर चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर भी संजय राउत ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि महाराष्ट्र में करीब 2 करोड़ नाम मतदाता सूची से हटाए गए, जिनमें मुंबई के करीब 36 लाख मतदाताओं के नाम शामिल होने का दावा उन्होंने किया।
राउत ने दिल्ली और पश्चिम बंगाल में भी बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए जाने का आरोप लगाया। उन्होंने चुनाव आयोग को लेकर कहा कि वह बीजेपी के एजेंट की तरह काम कर रहा है और बीजेपी के आदेश पर काम करने का आरोप लगाया।
हालांकि, ये सभी आंकड़े और आरोप संजय राउत के बयान/दावे हैं। इनकी स्वतंत्र पुष्टि इस बयान के आधार पर नहीं हुई है।
‘जनता इस बार चुप नहीं बैठेगी’
संजय राउत ने दावा किया कि मतदाता सूची में बदलाव के जरिए चुनावी गणित प्रभावित किया जाता है। उन्होंने उत्तर प्रदेश और बिहार में भी इसी तरह की प्रक्रिया होने का आरोप लगाया।
राउत ने कहा कि इस बार जनता चुप नहीं बैठेगी और चुनाव में इसका जवाब देगी। अपने बयान के अंत में उन्होंने तीखी और विवादित भाषा का इस्तेमाल करते हुए कहा कि जनता सरकार को जवाब देगी।
ब्युरो रिपोर्ट सिंदूर न्यूज़..