ओरिजिनल जैसा लेबल, नकली शराब का धंधा? कुरखेड़ा में करोड़ों की शराब तस्करी पर उठे सवाल…
कुरखेड़ा | गडचिरोली जिला (महाराष्ट्र)
गढचिरौली जिले में शराबबंदी के बावजूद गोंदिया जिले के केसोरी बार मालिक उर्फ शराब तस्कर ने अपना नेटवर्क मजबूत कर लिया है। इतना ही नहीं,चर्चा में नाम ही काफी है। कुरखेड़ा शहर में हर दिन कहा जा रहा है कि शराब तस्करी में अपनी जान देने वाला मालिक पुलिस डिपार्टमेंट के साथ मिलकर करोड़ों रुपये की शराब की तस्करी कर रहा है। इतना ही नहीं, डिपार्टमेंट के अधिकारी और कर्मचारी कहते हैं मालिक कि गाड़ी है तो कुछ नहीं होगा.. हर दिन शाम के समय करोड़ों रुपये की अवैध शराब की तस्करी हो रही है।

होली त्योहार में सिर्फ एक दिन बचा है। और सूत्रों से जानकारी मिली है कि तीन दिनों में छह महीने के कोटे की तस्करी पूरी हो गयी है। कहा जा रहा है कि पुलिस डिपार्टमेंट इसलिए कार्रवाई नहीं कर रहा हैं क्योंकि शराब तस्कर उर्फ बार मालिक से मोटी रकम मिल रही है। इसलिए, केसोरी से कुरखेड़ा शहर में बड़ी मात्रा में गैर-कानूनी शराब की तस्करी हो रही है। शराब तस्कर खुद कह रहा है कि मेरी LCB, और पुलिस डिपार्टमेंट का कोई भी अधिकारी और कर्मचारी कुछ नहीं कर सकता।
कुरखेड़ा तहसील से केसोरी मात्र 20 कि.मी. दूरी पर स्थित होने का फायदा उठाकर शराब तस्कर उर्फ बार मालिक अपनी काली कमाई का रास्ता अपनाते हुए कई सालों से करोड़ों रुपए की शराब की तस्करी करता आ रहा है, ऐसा स्थानीय स्तर पर आरोप लगाया जा रहा है। लोगों का कहना है कि इस बार मालिक पर कथित तौर पर बड़े अधिकारियों का आशीर्वाद होने के कारण लाखों का बजट करोड़ों की काली कमाई में बदल रहा है।
आखिर, पुलिस डिपार्टमेंट में किस अधिकारी का आशीर्वाद उस मालिक को है? यह तो वह शराब तस्कर ही जानता है, लेकिन त्योहारों के मौसम में गैर-कानूनी शराब की तस्करी में करोड़ों की मोटी कमाई होती है.. ऐसा जनता कह रही हैं। केसोरी से कुरखेड़ा तक, वह बार मालिक अपने मुखबिर सड़क पर रखता है और उस बार से गैर-कानूनी शराब तस्करों की गाड़ियों की कतारें दिखती हैं। वे गाड़ियां फॉर्च्यूनर, अर्टिगा, पिकअप, माज़दा, ट्रक शामिल रहते हैं, जिसमें देसी विदेशी शराब की गाड़ियां एक के बाद एक तेज रफ्तार से निकलती नजर आती हैं और वह बार मालिक हमेशा करोड़ों की शराब की तस्करी करता है।
लेकिन अगर उस बार मालिक के अलावा कोई और कभी शराब की तस्करी करने की सोचता भी है, तो शराब तस्कर उर्फ बार मालिक के पिलंटुओं के जरिए पकड़वाया जाता हैं और घटनास्थल पर पुलिस को बुलाकर कार्रवाई करने लगाता है यह घटना 10-12 दिन पहले कुरखेड़ा चिकली रास्ते पर हुई है ऐसे लोगों में चर्चा हैं।
कुरखेड़ा शहर में शराब के साथ-साथ सट्टा भी ज़ोरों पर चल रहा है। नगर पंचायत की सीमा के अंदर शहर के साप्ताहिक बाज़ार में अवैध धंधे फलते-फूलते देखे जा सकते हैं। अगर अवैध धंधे चल रहे हैं, तो आम नागरिकों में हमेशा यह चर्चा रहती है कि पुलिस और पत्रकारों को बहुत पैसा मिल रहा है और इसलिए ये लोग कुछ नहीं कर रहे हैं।
6 महीने का कोटा तीन दिन में जब स्मगलिंग होता है तो यह बहुत बड़ी बात सोचने वाली है की शराब स्मगलर उर्फ बार मालिक कितना बड़ा होगा। लेकिन शराबी हो या बिन शराबी उसका नाम हर जुबान पर रहता हैं शराब तस्कर उर्फ बार मालिक का धंधा करोड़ का होता है तब चेहरे पर चमक और आंखों पर चश्मा स्टाइल वाली फ्रेंच कट दाढ़ी रखकर परफ्यूम लगाकर शहर में घूमता हैं तब उसके तेवर ही बहुत अलग दिखाई देते हैं।
ओरिजिनल जैसे लेबल लेकिन नकली शराब…
बीते कई सालों से शराब की तस्करी करते आ रहा यह शख्स शराबियों को अंधेरे में रखकर न्यू ब्रांड का माल के नाम पर डुप्लीकेट शराब भी बेचने का काम करता है बताया जा रहा है कि शराब के बोतल में नाम की ब्रांडिंग का लेबल लगाकर करोड़ों रुपए की शराब बेचता है ऐसा शराबियों की शराब उतारने के बाद वही लोग बोलने लगते हैं जैसे की डुप्लीकेट शराब में नशे की गोली। कुरखेड़ा शहर में शराब बंदी लागू करने के लिए कई बार संबंधित विभाग को निवेदन दिए गए, लेकिन लोगों का कहना है कि जब इस विभाग के कर्मचारी ही ज्यादातर शराब पीते हैं तो शराब बंद कौन करेगा। शहर में यह भी चर्चा है कि डुप्लीकेट शराब के शिकार होकर कई लोग मौत के घाट उतारे गए हैं, जबकि बड़ी संख्या में युवाओं को भी शराब की लत लग चुकी है। खासकर देसी शराब और नई लेबल ब्रांड वाली शराब की टिल्लू में नकली शराब पाई जाने की बात कही जा रही है, जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन लगातार उठ रही शिकायतों ने स्थानीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है।