गढ़चिरौली मुठभेड़ में 71 लाख के इनामी 7 माओवादी मारे गए
महाराष्ट्र–छत्तीसगढ़ सीमा से सटे अबूझमाड़ के घने और दुर्गम जंगलों में गडचिरौली पुलिस और सीआरपीएफ ने माओवादियों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी संयुक्त कार्रवाइयों में से एक को अंजाम दिया है। तीन दिन और तीन रात तक चले विशेष नक्सल विरोधी अभियान में सुरक्षा बलों ने 7 हार्डकोर माओवादियों को मार गिराया है। इन सभी पर महाराष्ट्र सरकार द्वारा कुल 71 लाख रुपये का इनाम घोषित था।

मारे गए माओवादियों में गडचिरौली डिविजनल कमेटी प्रभारी, पश्चिम सब-जोनल ब्यूरो प्रभारी और कंपनी नंबर-10 का कमांडर प्रभाकर उर्फ रवी उर्फ प्रकालवीर उर्फ स्वामी शामिल है। प्रभाकर पर अकेले 25 लाख रुपये का इनाम घोषित था और वह पिछले कई वर्षों से गडचिरौली–अबूझमाड़ क्षेत्र में माओवादी गतिविधियों का प्रमुख चेहरा माना जाता था।
खुफिया सूचना से शुरू हुआ अभियान
03 फरवरी 2026 को गडचिरौली–नारायणपुर (छत्तीसगढ़) सीमा क्षेत्र के जंगलों में माओवादियों द्वारा बड़ी विध्वंसक कार्रवाई की योजना की गुप्त सूचना सुरक्षा एजेंसियों को मिली थी। विश्वसनीय इनपुट के आधार पर वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में भामरागड उपविभागीय पुलिस अधिकारी अमर मोहिते के नेतृत्व में गडचिरौली पुलिस के विशेष अभियान पथक (C-60) की 14 टुकड़ियों को जंगल क्षेत्र में रवाना किया गया।
पहली मुठभेड़ और ठिकानों का ध्वंस
04 फरवरी को सर्च ऑपरेशन के दौरान घात लगाए बैठे माओवादियों ने जवानों पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। जवानों ने आत्मरक्षा में प्रभावी जवाबी कार्रवाई की। इस दौरान माओवादियों के दो ठिकानों को ध्वस्त किया गया, लेकिन घने जंगल और दुर्गम इलाके के कारण तत्काल सर्च संभव नहीं हो सका।
अतिरिक्त बलों की तैनाती
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए 05 फरवरी को अभियान को और तेज किया गया। C-60 की अतिरिक्त चार टुकड़ियों और सीआरपीएफ की एक क्विक एक्शन टीम (QAT) को भी ऑपरेशन में शामिल किया गया। उसी दिन हुई मुठभेड़ में तीन हार्डकोर माओवादियों के शव बरामद किए गए, साथ ही एक AK-47 और एक SLR राइफल भी जब्त की गई।
अंतिम दिन चार और माओवादी ढेर
06 फरवरी 2026 को एक बार फिर हुई मुठभेड़ में चार अन्य माओवादियों के शव घटनास्थल से बरामद किए गए। इस प्रकार तीन दिनों तक चले अत्यंत जोखिम भरे अभियान में कुल सात माओवादियों को ढेर करने में सुरक्षा बलों को सफलता मिली।
एक जवान शहीद, एक घायल
इस अभियान के दौरान माओवादियों की भारी गोलीबारी में विशेष अभियान पथक के पोशि/5228 दीपक चिन्ना मडावी (निवासी प्राणहिता) गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें हेलीकॉप्टर से उपजिला अस्पताल भामरागड लाया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने वीरगति प्राप्त की।
06 फरवरी को गडचिरौली पुलिस मुख्यालय में उन्हें राजकीय सम्मान के साथ अंतिम श्रद्धांजलि दी गई.इसी अभियान में जोगा मडावी (निवासी किष्टय्यापल्ली) भी गोली लगने से घायल हुए हैं। उन्हें हेलीकॉप्टर से गडचिरौली लाया गया है, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
भारी मात्रा में हथियार बरामद

अभियान के दौरान घटनास्थल से 3 AK-47 राइफल, 1 SLR, 1 .303 राइफल, 173 जिंदा कारतूस, 3 BGL, 7 मैगजीन,कॉर्टेक्स वायर, जिलेटिन स्टिक, माओवादी साहित्य और दैनिक उपयोग की सामग्री बरामद की गई है।
वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में कार्रवाई
यह पूरा ऑपरेशन अपर पुलिस महानिदेशक (विशेष अभियान) डॉ. छेरिंग दोरजे, विशेष पुलिस महानिरीक्षक संदीप पाटील, आईजी अंकित गोयल, सीआरपीएफ डीआईजी अजय कुमार शर्मा और एसपी नीलोत्पल के मार्गदर्शन में C-60 और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम द्वारा सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया. पुलिस के अनुसार वर्ष 2021 से अब तक गडचिरौली जिले में 99 माओवादियों को ढेर किया जा चुका है, 140 को गिरफ्तार किया गया है और 153 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है।