महाराष्ट्र के ठाणे जिले के अंबरनाथ में भाजपा और मनसे कार्यकर्ताओं के बीच देर रात जमकर हंगामा और मारपीट हुई। भाजपा कार्यालय के लिए इस्तेमाल किए जा रहे गाले के कब्जे को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते इतना बढ़ गया कि दोनों राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। आरोप-प्रत्यारोप के बीच मामला पुलिस थाने तक पहुंच गया और तनाव की स्थिति बन गई।
बताया जा रहा है कि गाले के कब्जे को लेकर हुए विवाद के दौरान मनसे शहराध्यक्ष शैलेश शिर्के पर भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट करने का आरोप लगा। विवाद बढ़ने के बाद दोनों पक्षों के समर्थक मौके पर जमा हो गए और देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
इसके बाद मामला शिवाजीनगर पुलिस थाने तक पहुंचा। यहां भी विवाद शांत होने के बजाय और बढ़ गया। आरोप है कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने पुलिस थाने के परिसर में ही मनसे शहराध्यक्ष शैलेश शिर्के के साथ मारपीट की। इतना ही नहीं, उनकी कार में भी तोड़फोड़ किए जाने का आरोप है। पुलिस थाने के परिसर में हुई इस घटना के बाद पुलिस प्रशासन में भी हड़कंप मच गया।
मनसे शहराध्यक्ष पर गंभीर धाराओं में मामला!
घटना के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मनसे शहराध्यक्ष शैलेश शिर्के के खिलाफ मामला दर्ज किया। पुलिस के मुताबिक, उनके खिलाफ मारपीट, जबरन चोरी और एट्रोसिटी सहित विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। इसके बाद शैलेश शिर्के को गिरफ्तार कर लिया गया।
वहीं, इस पूरी कार्रवाई के दौरान भाजपा के प्रदेश सचिव गुलाबराव करंजुले सहित भाजपा के कई नगरसेवक देर रात तक शिवाजीनगर पुलिस थाने में मौजूद रहे। भाजपा कार्यकर्ताओं की ओर से भी अपनी शिकायत और आरोप पुलिस के सामने रखे गए।
भाजपा कार्यकर्ताओं पर फिलहाल मामला नहीं
इस पूरे घटनाक्रम में खास बात यह है कि भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा शैलेश शिर्के के साथ पुलिस थाने के परिसर में मारपीट और उनकी कार में तोड़फोड़ के आरोप सामने आने के बावजूद फिलहाल भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज नहीं किया गया है। इस वजह से मामले को लेकर राजनीतिक चर्चा और आरोप-प्रत्यारोप और तेज हो गए हैं।
पुलिस अब विवाद की शुरुआत किस वजह से हुई, दोनों पक्षों के बीच किस तरह मारपीट हुई और पुलिस थाने के परिसर में हुई घटना के दौरान वास्तव में क्या हुआ, इसकी जांच कर रही है।
अंबरनाथ में राजनीतिक माहौल गरमाया
पूरे घटनाक्रम के बाद अंबरनाथ में भाजपा और मनसे के बीच राजनीतिक तनाव बढ़ गया है। एक तरफ मनसे शहराध्यक्ष की गिरफ्तारी हुई है, तो दूसरी तरफ भाजपा कार्यकर्ताओं पर थाने परिसर में मारपीट और कार में तोड़फोड़ के आरोप लगे हैं।
वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक प्रमोद पाटील की निगरानी में पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है। अब जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और दोनों पक्षों के बयानों के आधार पर इस विवाद में आगे क्या कार्रवाई होती है, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
ब्यूरो रिपोर्ट सिंदूर न्यूज़…