तेलंगाना के श्रीरामसागर जलाशय से 13 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जाने की जानकारी सामने आई है। वर्तमान में 10 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है, जो अगले पाँच से छह घंटों में गोदावरी नदी के रास्ते गढ़चिरौली जिले के सिरोंचा तालुका तक पहुँच सकता है। ऐसे में नदी किनारे बसे गाँवों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला कलेक्टर अभिश्यंत पांडा ने आज कलेक्ट्रेट कार्यालय में आपात समीक्षा बैठक आयोजित की। इसमें अतिरिक्त जिला कलेक्टर नितिन गावंडे, निवासी उप जिलाधिकारी सुनील सूर्यवंशी और आपदा प्रबंधन अधिकारी नीलेश तेलतुम्बड़े उपस्थित रहे। जिले के सभी एसडीओ, तहसीलदार और विभागीय अधिकारी भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े।
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि नदी किनारे बसे गाँवों के नागरिकों को तुरंत सतर्क किया जाए और आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जाए। राजस्व, पुलिस और वन विभाग को आपसी समन्वय से यह कार्य करने को कहा गया है।
आपात स्थिति से निपटने के लिए एसडीआरएफ की टीमों को सिरोंचा तालुका में तैनात करने का निर्णय लिया गया है। भामरागढ़ मुख्यालय स्थित टीम को भी तुरंत सिरोंचा बुलाया गया है।
कलेक्टर ने पुलिस प्रशासन को अफवाहों पर नियंत्रण रखने और रात में पानी छोड़े जाने के कारण नागरिकों में भय न फैलने देने के निर्देश दिए। वहीं स्वास्थ्य विभाग को ब्लीचिंग पाउडर और दवाओं का पर्याप्त स्टॉक रखने और आश्रय गृहों में स्वास्थ्य सुविधाएँ तैयार रखने का आदेश दिया गया है।
कलेक्टर पांडा ने सभी विभागों से समन्वय के साथ कार्य करने की अपील करते हुए कहा कि नागरिकों के जीवन और संपत्ति की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।