मीडिया सर्टिफिकेशन और मॉनिटरिंग कमेटी की बैठक, चुनाव में विज्ञापनों पर सख्ती का ऐलान
गढ़चिरौली, दि. 28 नवंबर 2025 : म्युनिसिपल काउंसिल चुनाव को देखते हुए जिले में राजनीतिक विज्ञापनों को लेकर सख्ती बढ़ा दी गई है। चुनाव के दौरान किसी भी माध्यम से दिखाए या प्रसारित किए जाने वाले राजनीतिक विज्ञापनों के लिए प्री-सर्टिफिकेशन अनिवार्य है। यह अपील जिला कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अविश्यंत पंडा ने मीडिया सर्टिफिकेशन एंड मॉनिटरिंग कमेटी (MCMC) की बैठक में की। जिला कलेक्टर ने कहा कि राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों को दिए गए समय के अंदर अपने विज्ञापनों का प्रस्ताव कमेटी के पास सर्टिफिकेशन हेतु जमा करना होगा। इसके लिए जिला सूचना कार्यालय में विशेष रूप से MCMC कमिटी रूम शुरू किया गया है।
कमेटी की बैठक में मार्गदर्शन
बैठक की अध्यक्षता जिला कलेक्टर अविश्यंत पंडा ने की, इस दौरान समिति सदस्य सचिव व जिला सूचना अधिकारी गजानन जाधव, अतिरिक्त जिला कलेक्टर नितिन गावंडे, गढ़चिरौली म्युनिसिपल काउंसिल चुनाव निर्णय अधिकारी स्मिता बेलपत्रे, तहसीलदार संतोष अष्टीकर सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
किन विज्ञापनों के लिए जरूरी है सर्टिफिकेशन?
इलेक्शन कमीशन द्वारा तय नियमों के अनुसार, निम्न प्रकार के राजनीतिक विज्ञापनों को अनिवार्य रूप से MCMC से प्री-सर्टिफिकेशन लेना होगा— टीवी चैनल, केबल नेटवर्क, केबल न्यूज़,रेडियो, पब्लिक/प्राइवेट FM,सिनेमा हॉल,सार्वजनिक स्थानों पर दिखाए जाने वाले ऑडियो-विजुअल विज्ञापन,ई-न्यूज़पेपर,बल्क SMS और रिकॉर्डेड वॉइस मैसेज,सोशल मीडिया एवं इंटरनेट विज्ञापन,मतदान के दिन और उससे एक दिन पहले प्रिंट मीडिया में प्रकाशित होने वाले विज्ञापन
एप्लीकेशन की प्रक्रिया
विज्ञापन सर्टिफिकेशन के लिए आवेदन में निम्न विवरण अनिवार्य होंगे—
आवेदक का नाम और पता,उम्मीदवार/राजनीतिक पार्टी का नाम,जिस क्षेत्र के लिए विज्ञापन बनाया गया है,किस चैनल/प्लेटफॉर्म पर प्रसारित किया जाएगा,विज्ञापन की भाषा और उसकी दो अटेस्टेड कॉपी,विज्ञापन का शीर्षक,विज्ञापन की लागत, प्रस्तावित प्रसारण की संख्या और कुल खर्च,इलेक्शन कमीशन द्वारा निर्धारित फॉर्मेट में पूरी जानकारी
MCMC आवेदन प्राप्त होने के 48 घंटे के भीतर निर्णय करेगी,यदि विज्ञापन नियमों के खिलाफ पाया गया, तो कमेटी उसे रिजेक्ट कर सकती है.कमेटी के निर्णय के खिलाफ अपील राज्य समिति में की जा सकती है. और उसके बाद अंतिम अपील सुप्रीम कोर्ट में संभव है.यदि कमेटी विज्ञापन में सुधार सुझाती है, तो उम्मीदवार/पार्टी को 24 घंटे के भीतर संशोधित विज्ञापन पुनः जमा करना होगा।
कौन-सा कंटेंट प्रतिबंधित है?
विज्ञापनों में मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट के दिशा-निर्देशों का पालन जरूरी है।
विज्ञापन में निम्न प्रकार का कंटेंट प्रतिबंधित रहेगा—
राष्ट्रीय एकता, सद्भावना और संविधान को नुकसान पहुंचाने वाली सामग्री,धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला कंटेंट,अपराध, हिंसा या कानून-व्यवस्था को बिगाड़ने वाला संदेश,महिलाओं का गलत चित्रण,दहेज, बाल विवाह, तंबाकू या नशीली वस्तुओं का प्रचार,अन्य देशों की आलोचना,कोर्ट की अवमानना,राष्ट्रपति, न्यायपालिका या सेना पर टिप्पणी,किसी भी सैन्य अधिकारी/सैनिक की तस्वीर,किसी व्यक्ति की निजी जिंदगी पर टिप्पणी बच्चों और जानवरों का उपयोग बिना अनुमति के किसी उम्मीदवार/राजनीतिक पार्टी का प्रचार बिना अनुमति प्रकाशित विज्ञापन पर पब्लिशर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
‘पेड न्यूज़’ पर भी सख्त निगरानी
प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया की गाइडलाइंस के अनुसार, चुनाव के दौरान मीडिया को निष्पक्ष और तटस्थ रिपोर्टिंग करनी चाहिए।
‘पेड न्यूज़’ को किसी भी प्रकार के भुगतान पर प्रकाशित खबर/विश्लेषण के रूप में परिभाषित किया गया है।
जिला कलेक्टर अविश्यंत पंडा ने चुनाव अवधि में पेड न्यूज़ पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं।
जिला सूचना अधिकारी श्री जाधव ने बैठक में MCMC की कार्यप्रणाली और सभी नियमों की विस्तृत जानकारी दी।