ज्ञानदीप कॉन्वेंट एंड जूनियर कॉलेज, शीतलवाड़ी (रामटेक, नागपुर) में एक छात्र के साथ हुए यौन उत्पीड़न की गंभीर घटना के बाद गढ़चिरौली परियोजना के तहत पढ़ने वाली 10 आदिवासी लड़कियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं। इस मुद्दे पर आम आदमी पार्टी, गढ़चिरौली ज़िला इकाई ने सचिव अमृत मेहर के नेतृत्व में सोमवार को कलेक्टर कार्यालय के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा।
आप नेताओं ने स्कूल प्रबंधन पर बच्चों को सुरक्षा देने में पूरी तरह विफल रहने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि अभिभावकों ने घटना से दो दिन पहले ही प्रबंधन को चेतावनी दी थी, लेकिन शिकायत को नज़रअंदाज़ कर दिया गया। इसी लापरवाही के चलते यह गंभीर हादसा हुआ।
सचिव अमृत मेहर ने कहा कि गढ़चिरौली जैसे नक्सल प्रभावित इलाकों से लड़कियों को शिक्षा के लिए बाहर भेजा जाता है, लेकिन स्कूल का असुरक्षित माहौल उनकी जान को खतरे में डाल रहा है। उन्होंने माँग की कि 10 आदिवासी छात्राओं को तुरंत सुरक्षित स्कूलों में स्थानांतरित किया जाए और स्कूल प्रशासन के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।
ज्ञापन में पाँच प्रमुख माँगें रखी गईं – यौन उत्पीड़न प्रकरण की तत्काल जाँच, छात्राओं का स्कूल परिवर्तन, शिक्षा योजना में सुरक्षा मानकों को अनिवार्य करना, अभिभावकों की व्यक्तिगत सुनवाई और ज़िला स्तर पर शिकायत निवारण समिति का गठन।
हालाँकि परियोजना अधिकारी ने इस मामले में उच्च अधिकारियों को पत्र भेजा है, लेकिन आदिवासी विकास विभाग ने स्कूल बदलने का प्रस्ताव खारिज कर दिया। इस पर आप ने तीखी प्रतिक्रिया जताई और कहा कि नियमों का हवाला देकर छात्राओं की सुरक्षा से समझौता किया जा रहा है।
मेहर ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने त्वरित कदम नहीं उठाए तो पार्टी आदिवासी समुदाय के साथ सड़कों पर उतरकर शांतिपूर्ण आंदोलन करेगी। अभिभावकों और स्थानीय समाज ने भी इस माँग का समर्थन किया है और सरकार से न्याय की अपेक्षा की है।