गडचिरोली जिले में लगातार बढ़ते तापमान को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों को सतर्क रहने की अपील की है। तेज गर्मी के कारण हीट स्ट्रोक (उष्माघात) का खतरा बढ़ गया है। इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए जिला स्वास्थ्य प्रशासन ने आवश्यक तैयारियां शुरू कर दी हैं। जिला सर्जन डॉ. वर्षा लहाड़े, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रताप शिंदे और महामारी अधिकारी डॉ. रुपेश पेंदाम ने लोगों से गर्मी से बचाव करने का आग्रह किया है।
स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह तैयार
हीट स्ट्रोक के मरीजों को तुरंत उपचार मिल सके, इसके लिए जिले के सामान्य अस्पताल, सभी ग्रामीण अस्पतालों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में विशेष ‘हीट स्ट्रोक कक्ष’ बनाए गए हैं। इन कक्षों में विशेष बेड, कूलर/एसी, पर्याप्त मात्रा में ORS, आईवी फ्लूइड्स और जरूरी दवाइयों की व्यवस्था की गई है।
जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रताप शिंदे ने बताया कि दूर-दराज क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए हर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को सक्रिय किया गया है। उन्होंने लोगों से अपील की कि गर्मी के दौरान शरीर को हाइड्रेट रखना बेहद जरूरी है और किसी भी तरह की परेशानी होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में इलाज लें। साथ ही आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है।
जिला सर्जन डॉ. वर्षा लहाड़े ने कहा कि बढ़ते तापमान के कारण शरीर में पानी की कमी हो जाती है, जिससे हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ता है। इसे रोकने के लिए लोगों को दोपहर के समय बाहर निकलने से बचना चाहिए। जिले के सभी अस्पताल किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
हीट स्ट्रोक के प्रमुख लक्षण
- शरीर का तापमान अचानक बढ़ना, चक्कर या मितली
- तेज सिरदर्द, अत्यधिक प्यास और पेशाब कम होना
- सांस लेने में दिक्कत और दिल की धड़कन तेज होना
- गंभीर स्थिति में बेहोशी या भ्रम
क्या करें
- बाहर निकलते समय सिर ढककर रखें (टोपी/गमछा/छाता)
- पर्याप्त मात्रा में पानी, छाछ, नींबू पानी या नारियल पानी पिएं
- हल्के रंग के ढीले और सूती कपड़े पहनें
- दोपहर 12 से 4 बजे तक धूप में निकलने से बचें
क्या न करें
- तेज धूप में भारी काम करने से बचें
- बच्चों और पालतू जानवरों को बंद गाड़ी में न छोड़ें
- शराब, चाय, कॉफी और ज्यादा मीठे पेय से दूरी रखें
- बिना चप्पल या जूते के बाहर न निकलें
विशेष अपील
स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि हीट स्ट्रोक एक मेडिकल इमरजेंसी है। यदि किसी व्यक्ति में इसके लक्षण दिखाई दें तो तुरंत उसे नजदीकी सरकारी अस्पताल में भर्ती कराएं या 108/102 एंबुलेंस सेवा पर संपर्क करें।
ब्यूरो रिपोर्ट सिंदूर न्यूज़…