7-8 साल से कथित ताश क्लबों का कारोबार, शूटरों की दहशत की चर्चा; नांगपूर कार्रवाई के बाद मर्केकसा पर उठे सवाल
गढचिरौली, ब्यूरो : गढ़चिरौली जिले में अवैध गतिविधियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई के बाद अब कोरची तहसील के मर्केकसा जंगल में कथित रूप से लंबे समय से संचालित ताश क्लब को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि कोरची तहसील में पिछले 7 से 8 वर्षों से कथित ताश क्लबों का कारोबार चल रहा है, जबकि मर्केकसा जंगल क्षेत्र में एक कथित क्लब करीब 4 वर्षों से एक ही स्थान पर संचालित होने की बात सामने आ रही है।
मर्केकसा क्लब को लेकर सबसे बड़ा सवाल—आखिर कब होगी कार्रवाई?
स्थानीय लोगों के बीच चर्चा है कि जंगल क्षेत्र में कथित रूप से चल रहे इस क्लब तक आम लोगों की पहुंच आसान नहीं है। इसी के साथ क्लब के आसपास कथित तौर पर हथियारबंद लोगों और शूटरों की मौजूदगी को लेकर भी चर्चाएं हैं। हालांकि, शूटरों की मौजूदगी और हथियारों से जुड़ी इन बातों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
छत्तीसगढ़ और देवरी से कथित गुंडों की चर्चा
सूत्रों के हवाले से यह भी चर्चा है कि कथित क्लब में छत्तीसगढ़ से कुछ शूटर आते-जाते हैं, जबकि गोंदिया जिले के देवरी के भी कुछ गुंडों की कथित आवाजाही होने की बात कही जा रही है। अगर यह जानकारी सही है तो बड़ा सवाल यह है कि जंगल के भीतर संचालित बताए जा रहे इस कथित क्लब तक दूसरे राज्य और बाहरी जिलों से लोगों की आवाजाही आखिर किस तरह हो रही है?
शिकायत करने वालों को धमकी की चर्चा
क्लब का विरोध करने या पुलिस तक शिकायत पहुंचाने की कोशिश करने वालों को कथित तौर पर धमकियां दिए जाने की भी स्थानीय स्तर पर चर्चा है। यहां तक कि कुछ लोगों और उनके परिवारों को जान से मारने की धमकी मिलने की बातें भी सामने आ रही हैं। हालांकि, इन आरोपों की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। यदि ये दावे सही हैं तो यह केवल अवैध जुआ गतिविधि का मामला नहीं, बल्कि आम नागरिकों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर सवाल बन जाता है।
काले धंधों को कथित राजनीतिक संरक्षण का सवाल
इतना ही नहीं, स्थानीय स्तर पर यह भी आरोप और चर्चा है कि इन काले धंधों को सपोर्ट करने वाले कुछ राजनीतिक और सफेदपोश लोग कथित तौर पर इन अवैध कारोबारियों को संरक्षण देते हैं। अगर ऐसा है, तो सवाल उठता है कि आखिर इन कथित राजनीतिक संरक्षण के चलते ही क्या ऐसे काले धंधे वर्षों से बेखौफ चल रहे हैं? हालांकि, इस दावे की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित लोगों का पक्ष सामने आना बाकी है।
अगर जानकारी थी तो कार्रवाई क्यों नहीं?
मर्केकसा जंगल में कथित रूप से वर्षों से क्लब चलने की चर्चा के बीच सबसे बड़ा सवाल संबंधित विभागों और पुलिस प्रशासन की भूमिका को लेकर है। अगर स्थानीय स्तर पर इसकी जानकारी थी, तो पुलिस और प्रशासन तक यह सूचना क्यों नहीं पहुंची? और अगर सूचना पहुंची थी, तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
नांगपूर कार्रवाई ने बढ़ाई मर्केकसा पर नजर
यह पूरा मामला कोटगूल पुलिस सहायता केंद्र क्षेत्र के नांगपूर जंगल में 16 अगस्त को हुई कार्रवाई के बाद और ज्यादा चर्चा में आया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पुलिस ने नांगपूर जंगल में कथित ताश क्लब पर छापा मारते हुए करीब 1 करोड़ 50 लाख 97 हजार रुपये का अवैध कारोबार से संबंधित सामान जब्त किया। इस कार्रवाई को जिले में अवैध गतिविधियों के खिलाफ पुलिस की बड़ी कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है।
नांगपूर कार्रवाई के बाद अन्य क्लब संचालकों में दहशत?
नांगपूर कार्रवाई के बाद जिले के अन्य स्थानों पर कथित रूप से चल रहे क्लब संचालकों में भी दहशत का माहौल होने की चर्चा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार कार्रवाई के बाद बोरी और मर्केकसा में चल रहे कथित ताश क्लब बंद होने की बात सामने आ रही है। हालांकि, इन क्लबों के बंद होने और वहां किसी पुलिस कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
नए पुलिस अधीक्षक की कार्रवाई से उम्मीदें बढ़ीं
गढ़चिरौली के नए पुलिस अधीक्षक एम. रमेश के नेतृत्व में जिले में अवैध कारोबार पर लगाम लगाने को लेकर पुलिस की सक्रियता पर नजर है। ऐसे में अब स्थानीय लोगों की नजर कोरची तहसील के मर्केकसा क्षेत्र पर भी है।
सीधा सवाल—नांगपूर के बाद मर्केकसा की बारी कब?
जब पुलिस नांगपूर के जंगल तक पहुंचकर कथित ताश क्लब पर कार्रवाई कर सकती है, तो मर्केकसा जंगल में वर्षों से चलने की चर्चा वाले कथित ताश क्लब की जांच और कार्रवाई कब होगी?
क्या पुलिस मर्केकसा क्लब के संचालन की जांच करेगी?
क्या वहां आने-जाने वाले बाहरी जिलों और छत्तीसगढ़ के लोगों की जानकारी जुटाई जाएगी?
क्या हथियारबंद लोगों और कथित शूटरों की मौजूदगी की जांच होगी?
क्या शिकायतकर्ताओं को धमकी दिए जाने के आरोपों की जांच होगी?
क्या कथित राजनीतिक संरक्षण के आरोपों की भी जांच होगी?
और सबसे बड़ा सवाल—क्या कोरची तहसील में लंबे समय से चलने की चर्चा वाले कथित ताश क्लबों के नेटवर्क पर अब पूरी तरह लगाम लगेगी?
नांगपूर कार्रवाई के बाद अब कोरची की जनता की नजर मर्केकसा में होने वाली संभावित पुलिस कार्रवाई पर टिकी हुई है। पुलिस प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है, यह आने वाले दिनों में साफ होगा।
ब्यूरो रिपोर्ट — सिंदूर न्यूज़..