चिमूर-गढ़चिरोली लोकसभा क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन और तस्करी का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। कांग्रेस सांसद नामदेव किरसान ने गढ़चिरोली, चंद्रपुर और गोंदिया जिलों में बढ़ती रेत तस्करी पर चिंता जताते हुए कहा है कि इससे आने वाले समय में अपराध बढ़ सकते हैं।
किरसान ने बताया कि उन्होंने इन तीनो जिलों के जिलाधिकारियों को पत्र लिखकर अवैध रेत उत्खनन और 24 घंटे जारी ट्रांसपोर्टिंग पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि जब चौबीसों घंटे रेत का परिवहन हो रहा है, तो उस दौरान संबंधित विभाग के अधिकारी या कर्मचारी निगरानी के लिए मौजूद नहीं रहते, जिससे बड़े पैमाने पर तस्करी को बढ़ावा मिलता है।

उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि रेत परिवहन को सीमित समय में किया जाए, जब अधिकारी इसकी निगरानी कर सकें। साथ ही हर रेत घाट पर 100 मीटर तक सीसीटीवी कैमरे लगाने और स्थायी चौकी बनाने का सुझाव भी दिया है।
किरसान ने यह भी कहा कि हर 24 घंटे में रेत खनन का हिसाब-किताब होना चाहिए, ताकि यह पता चल सके कि किसे कितनी मात्रा में रेत निकालने की अनुमति दी गई और वास्तव में कितना उत्खनन हुआ।
सांसद ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि रेत तस्करी के दौरान कई बार तस्कर सरकारी कर्मचारियों पर हमला करते हैं और आपसी विवाद में हिंसा भी होती है। उनका कहना है कि इस तरह की गतिविधियां तब बढ़ती हैं जब तस्करों को राजनीतिक संरक्षण मिलता है।
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें नहीं लगता कि सत्ताधारी दल के जनप्रतिनिधि इसमें शामिल होंगे, लेकिन यदि कोई भी जनप्रतिनिधि या अधिकारी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
किरसान ने चेतावनी दी कि अवैध रेत तस्करी से सरकार को बड़े पैमाने पर राजस्व का नुकसान हो रहा है और समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई, तो यह कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।
ब्यूरो रिपोर्ट सिंदूर न्यूज़…