राहुल गांधी द्वारा नरेंद्र मोदी सरकार पर किए गए ताजा हमले के बाद सियासत तेज हो गई है। राहुल गांधी ने कहा कि जो काम भारत में होना चाहिए था, वैसा बदलाव नेपाल में देखने को मिल रहा है। इसी बयान का समर्थन करते हुए कांग्रेस सांसद नामदेव किरसान ने केंद्र सरकार और बीजेपी पर तीखा हमला बोला है।
नामदेव किरसान ने कहा कि मार्च 2026 में नेपाल में नई सरकार बनने के बाद वहां युवा और शिक्षित नेतृत्व सामने आया है, जो वैज्ञानिक सोच के साथ प्रशासन और शिक्षा क्षेत्र में बदलाव लाने की दिशा में काम कर रहा है। उनका कहना है कि छोटे देश होने के कारण नेपाल में नीतियों को तेजी से लागू किया जा सकता है, लेकिन असली जरूरत भारत जैसे बड़े देश में ऐसी सोच अपनाने की है।
उन्होंने भारत के शुरुआती दौर का जिक्र करते हुए कहा कि आजादी के बाद जब जवाहरलाल नेहरू प्रधानमंत्री बने, तब उन्होंने अंतरराष्ट्रीय संबंधों को मजबूत करने, वैज्ञानिक सोच विकसित करने और देश को आधुनिक दिशा देने का काम किया। उस दौर में वैज्ञानिकों को प्रोत्साहन मिला, जिसमें होमी जहांगीर भाभा और विक्रम साराभाई जैसे नाम प्रमुख हैं।
कांग्रेस सांसद ने आरोप लगाया कि 2014 के बाद से बीजेपी सरकार ने देश में बेरोजगारी और अन्य समस्याओं को कम करने के बजाय बढ़ने दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने धर्म के नाम पर समाज में विभाजन पैदा किया है, जिससे वैज्ञानिक सोच को नुकसान पहुंचा है।
किरसान ने अंतरराष्ट्रीय उदाहरण देते हुए कहा कि ईरान जैसे देश ने भी कठिन परिस्थितियों और प्रतिबंधों के बावजूद शिक्षा और वैज्ञानिक दृष्टिकोण पर जोर देकर प्रगति की है। उनका दावा है कि वहां उच्च साक्षरता दर और तकनीकी आत्मनिर्भरता इसका उदाहरण है।
उन्होंने बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा कि जिन नेताओं की प्राथमिकता शिक्षा, विज्ञान और विश्वविद्यालयों के बजाय केवल धार्मिक मुद्दे होते हैं, वे देश में वास्तविक विकास और परिवर्तन नहीं ला सकते।
ब्यूरो रिपोर्ट सिंदूर न्यूज़..