भामरागढ़ में बाढ़ का कहर, 525 नागरिकों का सुरक्षित स्थानों पर किया गया रेस्क्यू

छत्तीसगढ़ में मूसलाधार बारिश का असर; देर रात तक चला प्रशासन का अभियान, NDRF की मदद से बीमार छात्रा को भी अस्पताल पहुंचाया

गढचिरौली,ब्यूरो :  छत्तीसगढ़ में हुई मूसलाधार बारिश का असर गड़चिरौली जिले के दक्षिणी और अतिदुर्गम भामरागढ़ क्षेत्र में देखने को मिला। लगातार बारिश के चलते भामरागढ़ स्थित पर्लकोटा नदी और नालों का जलस्तर बढ़ जाने से भामरागढ़ शहर में बाढ़ का पानी घुसा जिसे नागरिकों का जनजीवन अस्थव्यस्थ हो गया है. भामरागढ़ की स्थिति यह दोबारा देखने को मिली हालांकि एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीम बाढ़ जैसी स्थिति में निपटने के लिए तैनात है. कई इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति निर्माण हो गई। स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने तत्काल बचाव एवं राहत कार्य शुरू करते हुए 525 नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया। प्रशासन की यह कार्रवाई कल दोपहर से शुरू होकर देर रात तक जारी रही।

बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी अविश्यांत पंडा के मार्गदर्शन और भामरागढ़ तहसीलदार किशोर बागड़े के नेतृत्व में स्थानीय प्रशासन की टीमों ने प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम किया। प्रशासन की प्राथमिकता लोगों की जान-माल की सुरक्षा रही। प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन की टीमें लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और जरूरत के अनुसार राहत एवं बचाव कार्य किया जा रहा है।

बीमार छात्रा को NDRF ने सुरक्षित पहुंचाया अस्पताल

बाढ़ के बीच एक बीमार छात्रा को अस्पताल पहुंचाना भी प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती बन गया था। बिनागोंडा आश्रमशाला में पढ़ने वाली एक बीमार छात्रा को NDRF की टीम की मदद से गुंडेनूर नाला पार कराया गया। इसके बाद छात्रा को सुरक्षित रूप से लाहेरी स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार के लिए भर्ती कराया गया। बाढ़ के कारण रास्ते प्रभावित होने के बावजूद प्रशासन और NDRF की टीम ने समन्वय के साथ छात्रा को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई।

पानी घटने से हालात में सुधार

लगातार बारिश के कारण भामरागढ़ क्षेत्र में जलस्तर बढ़ने के बाद प्रशासन की चिंता बढ़ गई थी। हालांकि अब पानी धीरे-धीरे ओसरने लगा है, जिससे क्षेत्र की स्थिति में सुधार हो रहा है। इसके बावजूद प्रशासन की ओर से नदी-नालों और सखल इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

जिला प्रशासन ने नागरिकों से स्थानीय प्रशासन की सूचनाओं और निर्देशों का पालन करने, नदी-नालों के किनारे जाने से बचने तथा पानी बह रहे रास्तों से यात्रा नहीं करने की अपील की है। प्रशासन का कहना है कि जलस्तर कम होने के बावजूद स्थिति पूरी तरह सामान्य होने तक नागरिकों को सावधानी बरतना जरूरी है।

ब्यूरो रिपोर्ट सिंदूर न्यूज़..

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