ब्लैकरॉक, टेमासेक समेत बड़े निवेशक लगाएंगे 9,825 करोड़ रुपये; एयरपोर्ट विस्तार, आधुनिकीकरण और नए कारोबार पर होगा जोर
रायगढ़/ पनवेल : अदाणी एंटरप्राइजेज की सहायक कंपनी अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड (AAHL) ने एयरपोर्ट कारोबार के विस्तार के लिए करीब 9,825 करोड़ रुपये यानी लगभग 1 अरब अमेरिकी डॉलर की नई इक्विटी पूंजी जुटाने की तैयारी की है। इसके लिए कंपनी ने अल्फा वेव ग्लोबल, प्रेमजी इन्वेस्ट, टेमासेक और ब्लैकरॉक द्वारा प्रबंधित फंड्स के साथ बाध्यकारी समझौता किया है। करीब 18 अरब डॉलर के प्री-मनी वैल्यूएशन पर होने वाला यह निवेश भारतीय एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में वित्तीय संस्थानों के बड़े निवेशों में शामिल है।
तीन चरणों में पूरा होगा निवेश
इस निवेश को एक साथ नहीं, बल्कि जुलाई 2027 तक तीन चरणों में पूरा किया जाएगा। निवेश की प्रक्रिया पूरी होने के बाद निवेशक समूह के पास अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स की करीब 5.54 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी। कंपनी के लिए यह पूंजी ऐसे समय में महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जब भारत में हवाई यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है और एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर को बड़े स्तर पर विस्तार की जरूरत है।
एयरपोर्ट विस्तार और आधुनिकीकरण पर खर्च होगी पूंजी
AAHL के मुताबिक, नई इक्विटी से प्राप्त राशि का इस्तेमाल एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार, आधुनिकीकरण और यात्री सुविधाओं को मजबूत करने में किया जाएगा। इसके अलावा कंपनी एयरपोर्ट के आसपास के सिटी-साइड क्षेत्रों के विकास पर भी ध्यान देगी। इसके तहत शुरुआती तौर पर करीब 22 लाख वर्ग फुट के मिक्स्ड-यूज सिटी-साइड डेवलपमेंट की योजना है। इससे एयरपोर्ट से जुड़े गैर-एयरोनॉटिकल कारोबार को बढ़ाने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
ग्राउंड हैंडलिंग समेत नॉन-एयरोनॉटिकल कारोबार पर जोर
कंपनी एयरपोर्ट से होने वाली कमाई को केवल यात्री सेवाओं तक सीमित नहीं रखना चाहती। ग्राउंड हैंडलिंग और अन्य नॉन-एयरोनॉटिकल व्यवसायों को भी विस्तार देने की योजना है। एयरपोर्ट के आसपास कॉमर्शियल और अन्य सुविधाओं के विकास से अतिरिक्त राजस्व पैदा करने पर जोर रहेगा।
20 करोड़ यात्रियों की सालाना क्षमता का लक्ष्य
इस विस्तार के बाद अदाणी एयरपोर्ट्स की सालाना करीब 20 करोड़ यात्रियों को सेवा देने की क्षमता होने का अनुमान है। वर्तमान में AAHL देश के 8 प्रमुख एयरपोर्ट्स का प्रबंधन संभाल रही है। कंपनी भारत के कुल पैसेंजर ट्रैफिक में 23 प्रतिशत से अधिक हिस्से का संचालन करती है।
कुल मिलाकर, करीब 1 अरब डॉलर की नई इक्विटी पूंजी अदाणी एयरपोर्ट्स के विस्तार की योजनाओं को वित्तीय मजबूती दे सकती है। वैश्विक निवेशकों की भागीदारी को भारतीय एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में बढ़ते संस्थागत निवेश और देश में हवाई यात्रा की बढ़ती मांग के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
ब्यूरो रिपोर्ट सिंदूर न्यूज़..