गुणवत्ता से समझौता नहीं, दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई; पुलों के बैकलॉग के लिए मुख्यमंत्री से मांगा जाएगा विशेष पैकेज – शिवेंद्रराजे भोसले
गडचिरोली,ब्युरो 28 अगस्त : गडचिरोली जिले में सड़क और पुल निर्माण की गुणवत्ता को लेकर सार्वजनिक निर्माण मंत्री शिवेंद्रराजे भोसले ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सड़क और पुलों के निर्माण में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। घटिया या दोषपूर्ण काम पाए जाने पर उसकी जांच कर संबंधित दोषियों के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। जिले में बाढ़ और अतिवृष्टि की स्थिति को देखते हुए सभी पुलों का स्ट्रक्चरल ऑडिट करने तथा उनकी स्थिति के आधार पर मरम्मत और पुनर्निर्माण की प्राथमिकता तय करने के निर्देश भी उन्होंने अधिकारियों को दिए।
गडचिरोली जिले में पुलों की कमी के कारण बारिश के मौसम में कई गांवों का संपर्क टूट जाता है। इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए राज्य मंत्री तथा सहपालकमंत्री एड. आशीष जयस्वाल ने जिले के पुलों का बैकलॉग दूर करने के लिए स्वतंत्र ‘विशेष पैकेज’ देने की मांग मंत्री भोसले के समक्ष रखी। इस पर मंत्री ने कहा कि कोंकण की तर्ज पर गडचिरोली में आवश्यक छोटे-बड़े पुलों का व्यापक प्रस्ताव तैयार कर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के समक्ष स्वतंत्र विशेष निधि पैकेज की मांग की जाएगी।
सार्वजनिक निर्माण मंत्री शिवेंद्रराजे भोसले गुरुवार को गडचिरोली जिले के दौरे पर थे। सुबह उन्होंने अडपल्ली स्थित गोंडवाना विश्वविद्यालय के ‘यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी’ (UIT) परिसर का निरीक्षण किया। इसके बाद जिलाधिकारी कार्यालय के नियोजन भवन में गोंडवाना विश्वविद्यालय के विकास कार्यों, माइनिंग कॉरिडोर तथा एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक (AIIB) के तहत प्रस्तावित एवं शुरू सड़क और पुल निर्माण कार्यों की विस्तृत समीक्षा बैठक की।
बैठक में राज्य मंत्री तथा सहपालकमंत्री एड. आशीष जयस्वाल और सांसद डॉ. नामदेव किरसान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए। विधायक डॉ. मिलिंद नरोटे, विधायक रामदास मसराम, जिलाधिकारी अविश्यांत पंडा, जिला पुलिस अधीक्षक एम. रमेश, गोंडवाना विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. प्रशांत बोकारे, प्र-कुलपति डॉ. श्रीराम कावळे, सार्वजनिक निर्माण विभाग नागपुर मंडल की अधीक्षक अभियंता नीता ठाकरे, गडचिरोली मंडल की अधीक्षक अभियंता सोनाली चव्हाण, राष्ट्रीय राजमार्ग के कार्यकारी अभियंता प्रफुल्ल केळकर सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
बाढ़ प्रभावित पुलों की होगी प्राथमिकता से जांच
मंत्री भोसले ने कहा कि अतिवृष्टि के दौरान जिले की नदियों और नालों में बाढ़ आने से कई क्षेत्रों का संपर्क टूट जाता है। ऐसे में सभी पुलों का स्ट्रक्चरल ऑडिट आवश्यक है। ऑडिट के दौरान पुलों की वर्तमान स्थिति, भार वहन क्षमता, आवश्यक मरम्मत और पुनर्निर्माण की जरूरत का वस्तुनिष्ठ आकलन कर रिपोर्ट तैयार की जाए। बाढ़ और अतिवृष्टि से प्रभावित होने वाले पुलों की जांच प्राथमिकता से की जाए।
जिन पुलों को नुकसान पहुंचा है या निर्माण के दौरान पुल ढहने की घटनाएं हुई हैं, उनकी उच्चस्तरीय जांच की जाएगी। यदि जांच में तकनीकी खामी, घटिया निर्माण सामग्री, निर्माण में लापरवाही अथवा अन्य दोष सामने आते हैं तो संबंधितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गडचिरोली की भौगोलिक परिस्थितियों और भारी बारिश को ध्यान में रखकर नए पुलों का डिजाइन आधुनिक तकनीकी मानकों के अनुसार तैयार किया जाए। आवश्यकता के अनुसार वेल अथवा पाइल फाउंडेशन जैसी मजबूत तकनीक का इस्तेमाल कर पुलों को सुरक्षित और लंबे समय तक टिकाऊ बनाया जाए।
2,752 करोड़ के छह सड़क प्रस्ताव
AIIB के तहत जिले में कुल 277.60 किलोमीटर लंबाई के छह महत्वपूर्ण सड़कों के लिए लगभग 2,752 करोड़ रुपये के प्रस्तावित कार्यों के DPR बैठक में प्रस्तुत किए गए। मंत्री भोंसले ने कहा कि DPR केवल कार्यालय में बैठकर तैयार न किए जाएं, बल्कि प्रत्यक्ष क्षेत्रीय परिस्थितियों और भविष्य में बढ़ने वाली यातायात आवश्यकताओं को ध्यान में रखा जाए।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों, जिलाधिकारी और जिला पुलिस अधीक्षक की सूचनाओं तथा स्थानीय जरूरतों को भी DPR में शामिल करने के निर्देश दिए गए। जिले में औद्योगिक गतिविधियों और खनिज परिवहन में हो रही वृद्धि को देखते हुए सड़कों का कंक्रीटीकरण, सब-ग्रेड और अन्य तकनीकी संरचनाएं उच्च गुणवत्ता की होनी चाहिए।
उन्होंने सड़क कार्यों की नियमित क्षेत्रीय जांच के साथ स्वतंत्र एजेंसी के माध्यम से थर्ड पार्टी क्वालिटी ऑडिट कराने के निर्देश भी दिए। वन और वन्यजीव विभाग की मंजूरियों के कारण विकास कार्यों में अनावश्यक देरी न हो, इसके लिए संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से मंजूरियों का पाठपुरावा करने को कहा गया।
491.91 करोड़ के माइनिंग कॉरिडोर कार्यों की समीक्षा
बैठक में माइनिंग कॉरिडोर के तहत चल रहे लगभग 491.91 करोड़ रुपये के सड़क और पुल कार्यों की भी समीक्षा की गई। इसमें चंद्रपुर–लोहरा–घंटाचौकी–हरणघाट–चामोर्शी मार्ग का 200 करोड़ रुपये का काम, पारवा–केलापूर–वणी–नागभीड़–वडसा–कुरखेडा–कोरची मार्ग का 94.91 करोड़ रुपये का काम, भाड़भीड़ी–घोट–रेगड़ी–कसनसूर–भामरागढ़ मार्ग का 27 करोड़ रुपये का काम, मुधोली–लक्ष्मणपुर–सुभाषग्राम मार्ग का 115 करोड़ रुपये का काम और भाड़भीड़ी–कसनसूर पुल का 55 करोड़ रुपये का काम शामिल है।
मंत्री ने कहा कि गडचिरोली में औद्योगिकीकरण और खनिज परिवहन बढ़ रहा है। आने वाले समय में भारी वाहनों की संख्या बढ़ने की संभावना है। इसलिए माइनिंग कॉरिडोर की सड़कें भविष्य की यातायात क्षमता को ध्यान में रखकर बनाई जाएं। निर्माण के प्रत्येक चरण में निर्धारित तकनीकी मानकों का कड़ाई से पालन किया जाए।
गोंडवाना विश्वविद्यालय की तकनीकी संस्था का निरीक्षण
दौरे की शुरुआत में मंत्री भोसले ने अडपल्ली स्थित गोंडवाना विश्वविद्यालय की यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने नक्शे के माध्यम से उपलब्ध जमीन, वर्तमान निर्माण कार्यों और भविष्य में प्रस्तावित विकास कार्यों की जानकारी दी।
मंत्री ने कहा कि दुर्गम क्षेत्र के विद्यार्थियों को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराने के लिए भवनों और अन्य बुनियादी सुविधाओं का नियोजन भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर किया जाए। प्रस्तावित विकास कार्य निर्धारित समय में और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरे किए जाएं।
ठेकेदारों के लंबित भुगतान पर सरकार सकारात्मक
पत्रकारों से बातचीत में मंत्री भोसले ने सार्वजनिक निर्माण विभाग के ठेकेदारों के लंबित भुगतान को लेकर भी सरकार की भूमिका स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि राज्यभर में सार्वजनिक निर्माण विभाग के लंबित भुगतान पहले करीब 42 हजार करोड़ रुपये थे, जिन्हें घटाकर अब लगभग 17 हजार करोड़ रुपये तक लाया गया है।
नक्सल प्रभावित, दुर्गम और संवेदनशील क्षेत्रों में विपरीत परिस्थितियों में काम करने वाले ठेकेदारों के लंबित भुगतान के मामले में सरकार सकारात्मक है। छोटे ठेकेदारों को भुगतान आसानी से मिल सके, इसके लिए विशेष ऑनलाइन प्रणाली शुरू की गई है, जिससे भुगतान प्रक्रिया में तेजी लाई जा रही है।
जनप्रतिनिधियों ने रखीं सड़क-पुलों की समस्याएं
बैठक में सहपालकमंत्री एड. आशीष जयस्वाल, सांसद डॉ. नामदेव किरसान, विधायक डॉ. मिलिंद नरोटे और विधायक रामदास मसराम ने जिले के विभिन्न सड़क और पुलों की समस्याएं मंत्री के सामने रखीं। वडसा–आरमोरी–कोहमारा मार्ग, नाडेकल–खोबरमेंढा पुल, कुंभी–चांदाळा पुल, मंगेवाडा आश्रमशाला के सामने नाले पर पुल तथा बारिश से क्षतिग्रस्त और धंस चुके रास्तों की तत्काल मरम्मत की मांग की गई।
मंत्री भोसले ने संबंधित अधिकारियों को इन कार्यों की तकनीकी जांच कर आवश्यक कार्यों को आगामी नियोजन में शामिल करने तथा निधि उपलब्धता के अनुसार प्राथमिकता से कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
कोनसरी परियोजना और चामोर्शी–हरणघाट मार्ग का निरीक्षण
बैठक के बाद मंत्री शिवेंद्रराजे भोसले ने कोनसरी परियोजना तथा चामोर्शी–हरणघाट सड़क निर्माण स्थल का प्रत्यक्ष दौरा कर कार्यों की प्रगति का निरीक्षण किया। इस दौरान संबंधित अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि गडचिरोली में तेजी से बढ़ रहे औद्योगिकीकरण और भविष्य में बढ़ने वाली भारी वाहनों की आवाजाही को ध्यान में रखकर सड़क एवं पुलों की योजना बनाई जाए। विकास कार्यों की गति के साथ गुणवत्ता नियंत्रण भी उतना ही मजबूत होना चाहिए और प्रत्येक काम के लिए जिम्मेदारी निश्चित कर गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाए।
ब्युरो रिपोर्ट सिंदूर न्युज..