ग्रामसेवकों की GPS और बायोमेट्रिक हाजिरी को लेकर सरकार सख्त, जिलों को फिर दिए निर्देश

मुंबई, 18 अगस्त : महाराष्ट्र सरकार के ग्राम विकास विभाग ने ग्राम पंचायत अधिकारियों यानी पूर्व के ग्रामसेवक और ग्राम विकास अधिकारियों की उपस्थिति को लेकर एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है। सरकार ने जिला परिषदों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि ग्राम पंचायत अधिकारियों की हाजिरी GPS और बायोमेट्रिक प्रणाली के माध्यम से सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए।

ग्राम विकास विभाग की ओर से 18 अगस्त 2026 को जारी पत्र में कहा गया है कि ग्राम पंचायत अधिकारियों की बायोमेट्रिक और GPS आधारित हाजिरी प्रणाली लागू करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश पहले ही दिए जा चुके हैं। इसके बावजूद इस व्यवस्था पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने की शिकायतें शासन को प्राप्त हो रही हैं।

इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने संबंधित प्रशासन को फिर से निर्देश जारी किए हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि ग्राम पंचायत अधिकारियों की उपस्थिति GPS और बायोमेट्रिक प्रणाली के जरिए दर्ज करने की व्यवस्था को प्रभावी रूप से लागू किया जाए।

ग्राम पंचायतों में ग्राम पंचायत अधिकारी ग्रामीण प्रशासन और नागरिकों को विभिन्न सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में उनकी नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए GPS और बायोमेट्रिक हाजिरी व्यवस्था लागू करने का फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे अधिकारियों की वास्तविक उपस्थिति पर निगरानी रखने के साथ-साथ ग्राम पंचायतों के कामकाज में पारदर्शिता बढ़ाने में भी मदद मिल सकती है।

सरकार की ओर से दोबारा जारी इन निर्देशों के बाद अब जिला परिषद और ग्राम पंचायत स्तर पर इस व्यवस्था को कितनी तेजी से लागू किया जाता है, इस पर नजर रहेगी। साथ ही, निर्देशों के बावजूद यदि हाजिरी व्यवस्था लागू नहीं की जाती है तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही भी तय होने की संभावना है।

ब्युरो रिपोर्ट सिंदूर न्यूज..

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