मोबाइल से खुलेआम नकल, ₹300 लेकर छूट—BA परीक्षा में बड़ा घोटाला उजागर

चंद्रपुर जिले के मूल शहर से शिक्षा व्यवस्था को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। कविकुलगुरु कालिदास संस्कृत विश्वविद्यालय से संबद्ध सर्वोदय महाविद्यालय में BA (प्रशासनिक सेवा) की परीक्षा के दौरान छात्रों द्वारा खुलेआम मोबाइल से नकल करने का वीडियो वायरल हुआ है। इस घटना ने परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

जानकारी के मुताबिक, परीक्षा के दौरान छात्र खुलेआम मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर गूगल पर उत्तर सर्च कर रहे थे और आसानी से पेपर हल कर रहे थे। आरोप है कि कुछ शिक्षकों द्वारा प्रति छात्र लगभग 300 रुपये लेकर नकल की खुली छूट दी जा रही थी। यह वीडियो 22 अप्रैल का बताया जा रहा है

इस परीक्षा केंद्र पर BA प्रशासनिक सेवा के प्रथम, द्वितीय और तृतीय वर्ष की परीक्षाएं आयोजित की जा रही थीं, जिसमें करीब 400 छात्र शामिल हैं। हैरानी की बात यह रही कि नकल रोकने के बजाय कॉलेज प्रशासन की ओर से ही लापरवाही और मिलीभगत सामने आई।

वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि परीक्षा केंद्र पर अव्यवस्था का माहौल था। एक ही बेंच पर तीन-तीन छात्र बैठाए गए थे, जबकि कई छात्रों को जमीन पर बैठकर परीक्षा देनी पड़ी। 15 अप्रैल से 8 मई तक चलने वाली इस परीक्षा के दौरान शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव बताया गया है। इसके बावजूद इस कॉलेज को परीक्षा केंद्र बनाए जाने पर सवाल उठ रहे हैं।

मामले के सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन हरकत में आया है। सहायक कुलसचिव सुमित कठाले ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद कुलगुरु डॉ. अतुल वैद्य की अनुमति से जांच टीम गठित कर दी गई है, जिसे सर्वोदय महाविद्यालय भेजा गया है। जांच के आधार पर परीक्षा केंद्र को रद्द करने की भी संभावना जताई गई है।

इसी बीच, कुछ छात्रों ने नकल के लिए पैसे देने से इनकार किया और परीक्षा केंद्र छोड़ दिया। इन्हीं छात्रों ने पूरे मामले का खुलासा किया है।
एक ओर सरकार नकलमुक्त परीक्षा की बात कर रही है, वहीं दूसरी ओर इस तरह की घटनाएं शिक्षा व्यवस्था की साख पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा रही हैं। सवाल यह है कि अगर इसी तरह से छात्र पास होंगे, तो भविष्य में प्रशासनिक पदों पर उनकी योग्यता और कार्यक्षमता पर क्या असर पड़ेगा।

ब्यूरो रिपोर्ट सिंदूर न्यूज़…

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