चंद्रपुर में उद्योगों को लेकर उद्योग मंत्री डॉ. उदय सामंत ने बड़ा और सख्त फैसला लेने के संकेत दिए हैं। MIDC की जमीन लेकर वर्षों से उद्योग शुरू नहीं करने वाले उद्यमियों के खिलाफ अब कार्रवाई की जाएगी। डॉ. सामंत ने साफ निर्देश दिए हैं कि जिन प्लॉट पर उद्योग शुरू नहीं हुए हैं, उन्हें वापस लेकर नए और इच्छुक उद्यमियों को दिया जाए।
चंद्रपुर के महेश भवन, तुकूम में आयोजित पत्रकार परिषद और समीक्षा बैठक के दौरान डॉ. उदय सामंत ने उद्योग विभाग, MIDC और खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग के कामकाज की समीक्षा की।
समीक्षा के दौरान सामने आया कि चंद्रपुर के MIDC क्षेत्र में करीब 200 प्लॉट कई वर्षों से बिना इस्तेमाल के पड़े हैं। इन प्लॉट धारकों को नोटिस जारी किए गए हैं, जबकि इनमें से 67 प्लॉट रद्द किए जा चुके हैं।
डॉ. सामंत ने कहा कि MIDC की जमीन उद्योग लगाने के उद्देश्य से दी जाती है। अगर कोई उद्यमी जमीन लेने के बावजूद वर्षों तक उद्योग शुरू नहीं करता है, तो ऐसे प्लॉट को वापस लेकर उद्योग शुरू करने के इच्छुक नए उद्यमियों को दिया जाना चाहिए।
इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि अगर किसी व्यक्ति या उद्योग के नाम पर MIDC का प्लॉट आवंटित है और उसका इस्तेमाल कोई दूसरा व्यक्ति कर रहा है, तो इसकी जांच की जाए। यदि प्लॉट का इस्तेमाल गैरकानूनी कारोबार या किसी अनधिकृत गतिविधि के लिए किया जा रहा है, तो तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
MIDC क्षेत्र में बिना अनुमति किए गए निर्माण पर भी डॉ. सामंत ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने अधिकारियों को अनधिकृत निर्माण की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने और जरूरत पड़ने पर जमीन खाली कराने के निर्देश दिए।
चंद्रपुर में बनेगा आधुनिक स्किल डेवलपमेंट सेंटर
चंद्रपुर जिले में बढ़ रहे औद्योगिक विकास के बीच स्थानीय युवाओं को रोजगार देने के लिए एक बेहतरीन स्किल डेवलपमेंट सेंटर बनाने की घोषणा भी डॉ. सामंत ने की।
इस सेंटर में जिले में आने वाले उद्योगों की जरूरत के मुताबिक युवाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही चंद्रपुर के ITI संस्थानों को स्थानीय उद्योगों से जोड़ा जाएगा और युवाओं को इंडस्ट्री-ओरिएंटेड ट्रेनिंग देने पर जोर दिया जाएगा. डॉ. सामंत का कहना है कि स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षित कर उन्हें उद्योगों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।
गोंडपिंपरी में 67.67 हेक्टेयर जमीन पर औद्योगिक विकास
गोंडपिंपरी औद्योगिक क्षेत्र के लिए 67.67 हेक्टेयर जमीन उपलब्ध कराई गई है। जहां जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, वहां जल्द से जल्द बुनियादी सुविधाओं का काम शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं. इस क्षेत्र में ट्राइबल क्लस्टर विकसित करने की भी योजना है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के लाभार्थियों को नियमित प्रशिक्षण देने और ऑनलाइन ट्रेनिंग का अधिक से अधिक लाभ युवाओं तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए।
स्वरोजगार के लिए आगे आने वाले योग्य युवाओं के लोन आवेदन बिना उचित कारण के रिजेक्ट न किए जाएं, इसके लिए बैंकों को भी सकारात्मक रवैया अपनाने के निर्देश दिए गए।
दूसरे औद्योगिक क्षेत्रों में भी लागू होगा ‘चंद्रपुर पैटर्न’
MIDC क्षेत्र में गैरकानूनी गतिविधियों के खिलाफ चंद्रपुर पुलिस द्वारा की जा रही कार्रवाई का भी डॉ. सामंत ने उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि गैरकानूनी कारोबार पर रोक लगाने के लिए चंद्रपुर में अपनाए जा रहे इस मॉडल को राज्य के अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में भी लागू किया जाएगा।
किसानों को विश्वास में लेकर होगा जमीन अधिग्रहण
नए औद्योगिक क्षेत्रों के लिए जमीन लेते समय किसानों और जमीन मालिकों को विश्वास में लेने पर भी डॉ. सामंत ने जोर दिया। उन्होंने कहा कि जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पारदर्शी और आसान होनी चाहिए।
गोंडपिंपरी के किसानों की MIDC को लेकर राय भी सुनी जाएगी। इस संबंध में जल्द ही जिलाधिकारी कार्यालय में बैठक आयोजित की जाएगी और डॉ. उदय सामंत ने भरोसा दिलाया कि वे खुद इस बैठक में ऑनलाइन मौजूद रहेंगे।
ब्यूरो रिपोर्ट सिंदूर न्यूज़…