टवेटोला को स्वतंत्र गांव का दर्जा देने की मांग, ग्रामीणों ने बीडीओ को सौंपा निवेदन

सड़क, पुल, पानी और अन्य मूलभूत सुविधाओं से वंचित ग्रामीणों ने उठाई आवाज; कांग्रेस तालुका अध्यक्ष मनोज अग्रवाल के नेतृत्व में पंचायत समिति पहुंचा टवेटोला का प्रतिनिधिमंडल

गढचिरौली, ब्यूरो : गढ़चिरौली जिले के कोरची तहसील के टवेटोला गांव को स्वतंत्र गांव घोषित करने तथा बस्ती में आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग को लेकर टवेटोला के ग्रामीणों ने पंचायत समिति प्रशासन का दरवाजा खटखटाया। कांग्रेस कमेटी के तालुका अध्यक्ष मनोज अग्रवाल के नेतृत्व में ग्रामीणों ने पंचायत समिति के गट विकास अधिकारी फाये से मुलाकात कर उन्हें अपनी मांगों का निवेदन सौंपा। इस दौरान टवेटोला परिसर के नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे और गांव की वर्षों पुरानी समस्याओं की ओर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया।

टवेटोला वर्तमान में पिटेशूर ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाली बस्ती है, जहां करीब 40 परिवार निवास करते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बस्ती को स्वतंत्र गांव का दर्जा मिलने से स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत होगी और विकास कार्यों को गति मिल सकेगी। वर्षों से सड़क, पुल, पीने के पानी, शिक्षा, आंगनवाड़ी और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं के अभाव से ग्रामीणों को परेशानी उठानी पड़ रही है। इसी पृष्ठभूमि में ग्रामीणों ने स्वतंत्र गांव घोषित करने के साथ-साथ मूलभूत सुविधाओं की तत्काल उपलब्धता की मांग प्रशासन के समक्ष रखी है।

दो किलोमीटर सड़क आज भी बड़ी समस्या

टवेटोला को मुख्य मार्ग से जोड़ने वाला करीब दो किलोमीटर का रास्ता अब भी पक्का नहीं है। बारिश के मौसम में यह रास्ता कीचड़ में तब्दील हो जाता है और ग्रामीणों के लिए आवागमन मुश्किल हो जाता है। कृषि कार्य, बाजार, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य जरूरी कामों के लिए बाहर जाने वाले ग्रामीणों को इसी खराब रास्ते का सहारा लेना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि पक्की सड़क के अभाव में सबसे ज्यादा परेशानी उस समय होती है, जब किसी मरीज या गर्भवती महिला को तत्काल अस्पताल ले जाने की आवश्यकता पड़ती है।

नाले पर पुल नहीं, बारिश में बढ़ती परेशानी

गांव तक पहुंचने वाले रास्ते में नाले पर पुल की सुविधा नहीं होने से बारिश के दिनों में समस्या और गंभीर हो जाती है। पानी बढ़ने के बाद आवागमन प्रभावित होता है और ग्रामीणों को जोखिम उठाकर रास्ता पार करना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क के साथ नाले पर पुल का निर्माण भी बेहद जरूरी है, ताकि बारिश के दौरान गांव का संपर्क प्रभावित न हो और आपात स्थिति में मरीजों को समय पर उपचार मिल सके।

पीने के पानी के लिए भी ग्रामीण परेशान

ग्रामीणों ने पीने के पानी की समस्या भी प्रशासन के सामने रखी। ग्रामीणों के अनुसार गांव में पर्याप्त सरकारी जलस्रोत उपलब्ध नहीं होने के कारण लोगों को प्राकृतिक जलस्रोतों पर निर्भर रहना पड़ता है। महिलाओं को पानी के लिए विशेष परेशानी उठानी पड़ती है। इसलिए गांव में स्थायी पेयजल व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग निवेदन के माध्यम से की गई है।

बच्चों की शिक्षा और आंगनवाड़ी का भी मुद्दा

टवेटोला में आंगनवाड़ी की सुविधा उपलब्ध नहीं होने का मुद्दा भी ग्रामीणों ने उठाया। वहीं स्कूली बच्चों को शिक्षा के लिए करीब सात किलोमीटर दूर ग्यारापट्टी जाना पड़ता है। खराब रास्ते और बारिश के मौसम में बच्चों की परेशानी और बढ़ जाती है। ग्रामीणों ने मांग की है कि बच्चों के लिए स्थानीय स्तर पर आवश्यक शैक्षणिक और बाल विकास सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

स्वतंत्र गांव का दर्जा मिलने से विकास को मिलेगी गति

ग्रामीणों का कहना है कि टवेटोला को स्वतंत्र गांव का दर्जा मिलने के बाद प्रशासनिक स्तर पर गांव की समस्याओं पर अधिक प्रभावी ढंग से ध्यान दिया जा सकेगा। वर्तमान में बस्ती को दूसरी ग्राम पंचायत के अंतर्गत रहने के कारण विकास कार्यों और मूलभूत सुविधाओं को लेकर कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इसलिए टवेटोला को स्वतंत्र गांव घोषित करने की मांग लंबे समय से उठाई जा रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस मांग पर सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की है।

मनोज अग्रवाल की मौजूदगी में प्रशासन के सामने रखी ग्रामीणों की समस्या

कांग्रेस कमेटी के तालुका अध्यक्ष मनोज अग्रवाल की उपस्थिति में टवेटोला के ग्रामीणों ने पंचायत समिति कार्यालय पहुंचकर अपनी समस्याओं का निवेदन गट विकास अधिकारी फाये को सौंपा। इस दौरान ग्रामीणों ने सड़क, पुल, पेयजल, आंगनवाड़ी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं की आवश्यकता पर प्रशासन का ध्यान केंद्रित किया। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि वे अब केवल आश्वासन नहीं चाहते, बल्कि गांव की समस्याओं का स्थायी समाधान चाहते हैं।

अब प्रशासन के फैसले का इंतजार

टवेटोला के ग्रामीणों द्वारा सौंपे गए निवेदन के बाद अब सभी की निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर हैं। ग्रामीणों की मांग है कि संबंधित विभाग के अधिकारी गांव का प्रत्यक्ष निरीक्षण करें, स्वतंत्र गांव घोषित करने की प्रक्रिया पर सकारात्मक निर्णय लें और सड़क, पुल, पानी तथा अन्य बुनियादी सुविधाओं के लिए तत्काल कदम उठाएं। टवेटोला के ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से चली आ रही समस्याओं का समाधान अब कागजों पर नहीं, बल्कि जमीन पर दिखाई देना चाहिए। निवेदन के दौरान टवेटोला परिसर के ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

ब्यूरो रिपोर्ट सिंदूर न्यूज..

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